वोडाफोन आइडिया मोबाइल दरों को बढ़ाने पर कर रहा है विचार

टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) ने आखिरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का बकाया चुकाने के लिए 10 साल का समय देने के फैसले को एक अच्छा नतीजा बताया है। हालांकि, इसके साथ वोडाफोन आइडिया का मानना है कि मोबाइल चशुल्कों में बढ़ोतरी जरूरी है, तभी टेलिकॉम कंपनियां बच कर मुनाफे में लौट पाएंगी।

 

वोडाफोन आइडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रविन्द्र टक्कर ने सोमवार को एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अतीत में कंपनी ने शुल्क बढ़ाने में संकोच नहीं किया।

वोडाफोन आइडिया के निदेशक मंडल ने पिछले हफ्ते इक्विटी और कर्ज के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। इससे कंपनी को चालू रहने में मदद मिलेगी। कंपनी को जहां भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, वहीं उसके ग्राहकों की संख्या कम हो रही है और प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) कम हो रहा है।

 

इसके अलावा कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया है। इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को दस साल में एजीआर के बकाए का भुगतान करने की अनुमति दी है । इसकी शुरुआत अगले वित्तीय वर्ष से होगी। हालांकि कंपनियों को इस वित्त वर्ष में बकाया राशि का 10 फीसद भुगतान करना होगा।

 

टक्कर ने कहा, 'भुगतान 10 साल में अदालत के फैसले का अहम हिस्सा है। इसके अलावा 10 फीसद का शुरुआती भुगतान करना होगा, जिसका भुगतान कंपनी ने पहले ही दूरसंचार विभाग को कर दिया है। ऐसे मामले में हमें कोर्ट के फैसले के अनुसार मार्च 2022 में पहला भुगतान करना होगा। यह दस साल के भुगतान की पहली किस्त होगी।

 

अंतत इस निर्णय का परिणाम अच्छा रहा है । "उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के टुकड़ों में भुगतान करने के फैसले को एक महत्वपूर्ण कदम कहा । उन्होंने कहा कि यह बहुत उपयोगी होगा, क्योंकि हम अपने 10 साल के सफर की योजना बना सकेंगे। उन्होंने भुगतान के लिए 10 साल का समय देने के लिए कोर्ट का आभार जताया। मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि पूरी इंडस्ट्री मानती है कि भारत में दरें टिकाऊ नहीं हैं।

 

पिछले कुछ वर्षों में डेटा और आवाज के उपयोग में भारी वृद्धि का जिक्र करते हुए टक्कर ने कहा कि अल्पकालिक मोबाइल दर में वृद्धि जरूरी है ।

 

वोडाफोन आइडिया ने लॉन्च किया नया ब्रांड Vi (VI) । कंपनी ने वोडाफोन के वी और आइडिया के आई को मिलाकर एक नया ब्रांड 'VI' बनाया है।

 

अगस्त 2018 में वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय वाली वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड ने एक नए ब्रांड की घोषणा की हैं । कंपनी फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रही है, जहां पैरेंट कंपनी वोडाफोन ग्रुप भी कोई अतिरिक्त फंड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों ने बताया है कि इस नए ब्रांड को लाने के पीछे उद्देश्य कॉल की बेहतर गुणवत्ता और उससे जुड़ी सेवाओं की उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है ।

 

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments
You must be logged in to post a comment.
Related Articles
About Author