गिरगिट

मेरे एक मित्र थे मतलब हैं, पर पहले मित्र थे अब नहीं वो एक बड़ी कंपनी में काफी

समय से एज एक्लर्क काम करते थे मित्र चापलूस टाइप थे तो किसी तरह कंपनी के

हेड मैनेजर को पटा लिया और क्लर्क से सीधे प्रोजेक्ट मैनेजर की कुर्सी पा गये धीरे

धीरे उस मित्र ने कंपनी के तमाम स्टाफ पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया चूंकि

काफी बकलोल टाइप के थे तो ओवर बोलते भी थे, कंपनी में सब उनसे दुखी थे पर

क्या करें पद के आगे झुकते थे उसी कंपनी में एज ए फ्रेशर एक लड़की सीमा

(काल्पनिक नाम) काम करती थी, लड़की बड़बोली और स्वार्थी थी, हमारे मित्र और वो

किसी तरह संपर्क में आ गये।

चूंकि मित्र को पद देने का अधिकार प्राप्त था तो उस लड़की को सीधे एरिया मैनेजर के

पद पर प्रमोशन कर दिया लड़की उक्त पद पाकर काफी खुश हुई, उसके सपने भी

बड़े हो गये और हमारे मित्र से मिलना जुलना, बातचीत और संबंध भी बढ़ गये, मित्र

शादीशुदा थे पर अपनी कुछ हरकतों की वजह से उनका शादीशुदा जीवन ठीक नहीं

चल रहा था रूतबा होते हुए भी वो काफी दुखी रहते थे वो लड़की उनके लिए उम्मीद

की किरण थी, लड़की भलीभांति इस बात से परिचित हो गयी।

कुछ समय बाद उस लड़की ने अपना स्वयं का घर बनाना शुरू किया प्रोजेक्ट मैनेजर

साहब यानि हमारे मित्र ने आर्थिक रूप से काफी सहयोग किया लड़की की चांदी हो

गयी कंपनी में रूतबा और ऊपर से बहुत कम समय में खुद का घर और क्या चाहिए

प्रोजेक्ट मैनेजर साहब की दम से सीमा ने अपने काम पर ध्यान देना बंद कर दिया

कंपनी में इस बात का विरोध हुआ तो मजबूरन प्रोजेक्ट मैनेजर को उसे उस पद से

हटाना पडा. सीमा ने इस बात की शिकायत डायरेक्ट हेड मैनेजर से की साथ ही

प्रोजेक्ट मैनेजर यानि हमारे मित्र के द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न की शिकायत भी की,

लेकिन हेड के द्वारा उस बात को नहीं सुना गया क्योंकि संबध दोनों तरफ से थे और

कोई भी कंपनी इस पचडे में पड़कर अपना मजाक नहीं उड़वा सकती थी!!

सीमा तेज थी, लगातार हेड से शिकायत करती रही, इस दौरान हमारे मित्र सीमा को

पद से निकालने के बाद भी उसको लगातार फोन करते रहे और शारीरिक और

मानसिक धमकी देते रहे, सीमा चालाक थी उसने मित्र की सारी बातें नोट कर ली

लेकिन कंपनी के अलावा कहीं शिकायत नहीं की।

 

कंपनी में ही कार्य करने बाले एक जगलर प्रोजेक्ट मैनेजर का स्वयं पर हाथ रखे जाने

के बाद सीमा ने हमारे मित्र को एक जगह बुलाया, चूंकि मित्र हमारे लगातार फोन द्वारा

सीमा को परेशान करते थे धमकी देते थे, पीछा करते थे, कल तक डरी सहमी लड़की

से मिलने में हर्ज भी नहीं था तो मिलने अकेले चले गये और पहले से तैयार बैठी सीमा

द्वारा जमकर कूटे गये और उनका बहुत सारे लोगों द्वारा वीडियो बनाकर सोशल

मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

सीमा पीटते हुऐ अपशब्द बोल रही थी, जोकि अक्सर नारियों नहीं बोलती पर उसके

पास प्रमाण थे जिसको हमारे मित्र भली भांति जानते थे इसी वजह से वो पिटते रहे,

और इनडायरेक्टली अपनी गलती स्वीकार कर बोल ही उठे कि "अब ऐसा नहीं होगा !

रातोंरात वो लाइमलाइट में आ गये और उनके ऊपर केस भी दर्ज हो गया हर व्यक्ति

उनकी ही चर्चा करते हुए नजर आया।

खैर ये कहानी हमारे मित्र की थी पर ऐसी कहानियाँ हर जगह, हर ओफिस में पाई

जाती हैं, कुछ सामने आ जाती हैं और कुछ छिपा ली जाती हैं, पर इनका आकलन

लोग कैसे करते हैं. ये सोचने बाली बात है कौन गलत था कौन सही इसको ना

सोचकर कौन व्यक्ति उनकी कम्युनिटी से था उसके अनुसार अपराध तय करके जो

गलत नहीं था उसको गलत साबित करने में लग जाते हैं।

हम हों या आप कोई महिला या पुरूष बिना हमारी गलती के हमारा कोलर ही आकर

पकड़ ले तो क्या हम बरदाश्त करेंगें उसके सामने गिगियाऐंगें ??? नहीं ना ??

फिर डिफेंड क्यों करना जो गलत करेगा वो भोगेगा, चाहे महिला हो या पुरूष यहीं

सब सामने आता है, उस ऊपर बाले की लाठी में आवाज नहीं होती, पर अच्छे अच्छो

की हेकडी यहीं निकाल देता है, फिर चाहे हम हों हमारा मित्र हो या फिर तुम ।।।

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